प्राण त्याग भारती के लाल नहीं मरते

प्राण त्याग भारती के लाल नहीं मरते 

जनपद के युवा कवि दिलीप कश्यप कलमकार को काव्यरत्न  सम्मान से किया गया सम्मानित ।

फर्रुखाबाद -कानपुर नगर की साहित्यिक संस्था साहित्यलोक द्वारा एक विराट काव्य गोष्ठी का आयोजन किया गया इस दौरान जनपद के युवा कवि दिलीप कश्यप कलमकार को काव्यरत्न सम्मान देकर  सम्मानित किया गया ।

14 फरवरी को कानपुर के आशीर्वाद गेस्ट हाउस में आयोजित काव्य गोष्ठी में  फर्रुखाबाद से दिलीप कश्यप कलमकार ,हाथगाव से  शिवम हथगामी,अकबरपुर से गौरब अवस्थी,उन्नाव से हास्य कवि अनुभव अज्ञानी, सीतापुर से  पवन कुमार, फतेहपुर की कोमल द्विवेदी, आदि ने काव्य पाठ किया  ।

कार्यक्रम में मशहूर शायर डॉक्टर वेद प्रकाश संजर मुख्यातिथि व व्यंगकार  श्रवण शुक्ल विशिष्ट अतिथि  रहे । 

कार्यक्रम की अध्यक्षता डॉक्टर प्रमिला पाण्डेय ने की । 

फर्रुखाबाद के दिलीप कश्यप ने  पुलवामा में शहीद हुए  वीर जवानों  को नमन करते हुए, "मन में उमंग लिये जीत की तरंग लिये, त्याग प्राण भारती के लाल नहीं मरते ।,, छन्द पड़ा  तो वहीं  उन्नाव के  हास्य कवि अनुभव अज्ञानी ने सभी को खूब गुदगुदाया ,फतेहपुर की कोमल ने  माँ शक्तिरूपा  पर गीत पड़ा, वहीं हाथगाँव से पहुंचे  शिवम ने  बेहतरीन तरन्नुम में  शानदार  ग़ज़ले प्रस्तुत की । सीतापुर के पवन ने सवैया छन्द पड़े ।

कार्यक्रम  के संयोजक  अंशुमान दीक्षित व अमित ओमर ने  सभी अतिथियों का स्वागत किया कर उन्हें सम्मानित किया । 

कार्यक्रम का संचालन  कवयित्री शीतल बाजपेयी ने किया , इससे पूर्व में  कार्यक्रम का शुभारंभ सरस्वती पूजन के साथ,डॉक्टर प्रदीप अवस्थी की वाणी वन्दना से हुआ ।

इस दौरान राष्ट्रीय कवि मुकेश श्रीवास्तव, दिलीप दुबे, आदि ने आशीष बचन दिया ।

स्थानीय कवियों ने भी काव्य पाठ किया ।

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