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Showing posts from November, 2020

मजदूरों के लिए संक्रमण काल साबित हुआ बर्ष 2020, कोरोना महामारी से त्राहि-त्राहि

  मजदूरों के लिए संक्रमण काल साबित हुआ बर्ष 2020, कोरोना महामारी से त्राहि-त्राहि ! *कोरोना बनाम मजदूर* *लॉक डाउन ने तोड़ी कमर,भुखमरी की कगार पर मजदूर*। भारत एक विकाशशील एवं प्रगतिशील देश है, लेकिन यह भी सच है कि भारत वह देश भी है जिसमे दैनिक वेतन मजदूरी करने वालो की संख्या सर्वाधिक हैं । देश के कोने-कोने में  ही नही अपितु किसी भी राज्य अथवा शहर में आपको अन्तरजनपदीय मजदूर भारत मे  मिलेंगे यही नही आपको   अन्तर्राष्ट्रीय   स्तर तक पर भारतीय मजदूरों की एक  टोली बड़ी संख्या में विभिन्न देशों में  ढूढने पर मिल सकती हैं । कोरोना जैसी  वैश्विक महामारी के संकट से  देश ही नही बल्कि  सम्पूर्ण विश्व जूझ रहा हैं। ऐसे में अभी तक इस महामारी की कोई ठोस  दवाई  या वैक्सीन उपचार के रूप में सामने नही आई  है ।  विभिन्न   देश  बड़ी -बड़ी  प्रयोगशालाओं  में  डॉक्टरों और वैज्ञानिकों की मदद से इसके बचाव का इलाज तलाशने में जुटे हैं।  वही  इस महामारी का एक तोड़ यह भी है कि आपसी सामाजिक दूरी बनाकर  इ...

समय का आभास कराता फर्रुखाबाद के चौक का घण्टाघर

 विश्व धरोहर सप्ताह पर विशेष,  समय का आभास कराता फर्रुखाबाद के चौक का घण्टाघर ********************** फर्रुखाबाद-नगर के मध्य में स्थित त्रिपोलिया   चौक का घण्टाघर हमारी  ऐतिहासिक धरोहरों में से एक हैं,चौक घण्टाघर में लगी घड़ी आज भी लोगो को समय का आभास कराती रहती है । कहते है समय के काल चक्र को कोई रोक नहीं सकता  ज्यों-ज्यों  समय बीतता जा  रहा है त्यों -त्यों यह ऐतिहासिक धरोहरें अपने अस्तित्व को  खोती  जा रही हैं । आलम यह है कि नगर के भीड़ -भाड़ वाले इलाके में पोस्टरों बैनरों से अतिक्रमण कर इन  पर अपना कब्जा कर रखा है ।  समय का पहिया घूमता गया देश पर अंग्रेजो ने साम्राज्यवाद स्थापित अपना कब्जा जमा लिया अंग्रेजी आक्रांताओ ने देश को गुलामी की जंज़ीरों में जकड़ कर रख लिया । समय ने जब पुनः करबट बदली तो  अंग्रेजो को देश छोड़ कर जाना पड़ा ।  बर्ष 1934 में तत्कालीन गवर्नर  सर मॉरिस हेलिट ने इस घण्टाघर का शिलान्यास किया था । यह घण्टाघर स्वतन्त्रता सेनानी  लाला मैकू लाल की स्मृति में बनबाया गया था । पहले के समय में कम्प्यूटरी...

हिन्दी साहित्य भारती में पत्र लेखन अभियान के दिलीप कश्यप बने प्रदेश संयोजक

 फर्रुखाबाद- विश्व के १६ देशों में हिंदी की पताका फहराने वाली अन्तर्राष्ट्रीय संस्था हिंदी साहित्य भारती के केन्द्रीय अध्यक्ष डा। रवीन्द्र शुक्ल (पूर्व मंत्री उत्तर प्रदेश) व शीर्ष नेतृत्व के संरक्षण मे हिंदी को राष्ट्रभाषा के आसन के रूप में जाना जा रहा है। के लिए हिंदी साहित्य भारतीयों उत्तर प्रदेश के महामंत्री प्रख्यात ओजकवि डा चैतन्य चेतन एडवोकेट की संस्तुति पर हिंदी साहित्य भारती उत्तर प्रदेश के सम्माननीय अध्यक्ष डा वागीश दिनकर पिलखुवा के द्वारा फर्रूखाबाद के युवा कवि और प्रखर पत्रकार दिलीप कश्यप को उत्तर प्रदेश में पत्र लेखन आंदोलन के संयोजक मनोनीत किया गया है।      पत्रलेखन अभियान के राष्ट्रीय संयोजक संतोष तिवारी मध्यप्रदेश के निर्देशन में महामहिम राष्ट्रपति महोदय को संबोधित पत्र लेखन का अभियान पूरे देश में जारी रहेगा ।जिसमें उत्तर प्रदेश की भूमिका महत्वपूर्ण रहेगी। दिलीप कश्यप को इस अभियान के लिए उत्तर प्रदेश का संयोजक मनोनीत किए जाने पर हिंदी साहित्य भारतीयों उत्तर प्रदेश के मंत्री डा प्रभात अवस्थी, सदस्यीय सुरेन्द्र पांडेय, भूपेन्द्र प्रताप सिंह, संरक्षक शिव...